20 अप्रैल के बाद किन किन चीज़ो को मिलेंगी छूट , गृहमंत्रालय के तरफ से जारी हुई गाइडलाइन

जैसा कि हम सबको पता है स्मपुर्ण भारत में लॉकडाउन की अवधि को 3 मई तक के लिए बढ़ा दिया गया है। जिसका ऐलान खुद पर्धानमंत्री मोद ने मंगलवार को विडिओ कंफ़ेरन्सिंग के माध्यम से किया। ऐसे में लॉकडाउन के चौतरफा असर के बीच आज शाम होने वाली केन्द्रीय मंत्रिमंडल की बैठक पर सबकी नजर रहेगी।

यह अनमुान लगाया जा रहा है की सरकार उधोयोग औरश्रमिकों दोनो को सहायता देने के लिए वित्तीय पैकेज-2 का एलान कर सकती हैं | खासकर एमएसएमई में काम कर रहे श्रमिकों के वेतन भगुतान के वित्त मंत्रालय उधोगों को वित्तीय सहायता दे सकता है। लॉकडाउन के दौरान उदधिमियों को किराया, बिजली बील, भुगतान जैसी निर्धारत लागत का वहन सरकार कर सकती है या उन्हें एक अनुमानित राशि दी जा सकती हैं, या फिर उद्द्मियों को श्रमिको के वेतन के नाम पर कुछ निर्धारित राशि जा सकती है।

जैसा की निर्यातकों के शीर्ष संगठन फियो ने भी सरकार से अपील की है कि है कि सरकार को तत्काल प्रोत्साहन पैकेज की घोषणा
करनी चाहए और विनिमार्ण छेत्रो में आशिंक रूप से कामकाज शुरू करने की अनुमति देनी चाहिए। फियो के अध्यक्ष शरद कुमर सर्राफ ने एक बयान में कहा है कि एमएसएमई निर्यातकों के पास कर्मचारियों को अप्रैल महीने का वेतन देने के लिए नकदी नहीं है| औधोगिक संगठनों का यही भी कहना है कि छोटे उद्द्मियों खासकर एमएसएमई को लॉकडाउन के बाद नही बल्कि अभी वित्तीय सहायता की जरूरत है | लॉकडाउन के बाद उनकी स्थिति इतनी खराब हो चुक होगी की किसी भी प्रकार के वित्तीय पैकेज का फिर उन्हें कोई लाभ नही होगा। इस लिया इसपर सरकार महत्पूर्ण फैसले ले सकती है |

इस के साथ साथ रियल स्टेट सेक्टर और ऑटो कंपनियों के लिए बैंको की तरफ से सावधि कर्ज के भुगतान पर तीन माह की स्थगन अवधि को बढ़ाकर छह महीने करने के प्रस्ताव पर विचार किया जा सकता है। और इसके साथ साथ देश भर के कुछ हिस्सों में थोड़ी राहत की भी संभावनाएं हैं |

जो भी हो आज की बैठक में लिए गए फैसले देश की दशा की दृष्टिकोण से अहम होंगे और ये उम्मीद है कि सरकार लॉकडाउन की वजह से हो रही लोगों की परेशानियों का तत्त्काल समाधान करने की कोशिश करेगी |

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